भारत का आकार एवं स्थिति | अक्षांश-देशांतर विस्तार, सीमाएँ, क्षेत्रफल, पड़ोसी देश व मानक समय

भारत का आकार एवं स्थिति | अक्षांश-देशांतर विस्तार, सीमाएँ, क्षेत्रफल एवं मानक समय

  

भारत दक्षिण एशिया में स्थित एक विशाल एवं महत्वपूर्ण देश है। यह पूर्णतः उत्तरी तथा पूर्वी गोलार्ध में स्थित है। भौगोलिक स्थिति की दृष्टि से भारत का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एशिया महाद्वीप के दक्षिण भाग में अवस्थित होकर अनेक देशों से जुड़ा हुआ है। अपनी स्थिति के कारण भारत प्राचीन काल से ही व्यापार, संस्कृति, ज्ञान और सभ्यता का केंद्र रहा है।

प्राचीन यूनानी विद्वान एरैटोस्थनीज को भूगोल का जनक माना जाता है, जबकि एरैटोस्थनीज ने ‘जियोग्राफी’ शब्द का प्रथम प्रयोग किया था। इस प्रकार भारत की स्थिति और आकार का अध्ययन भूगोल के अंतर्गत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

अक्षांश और देशांतर का परिचय

पृथ्वी की सतह पर किसी स्थान की सही स्थिति ज्ञात करने के लिए अक्षांश और देशांतर रेखाओं का उपयोग किया जाता है। अक्षांश वे काल्पनिक रेखाएँ हैं जो भूमध्य रेखा के समानांतर पूर्व से पश्चिम दिशा में खींची जाती हैं। भूमध्य रेखा को 0° अक्षांश माना जाता है। अक्षांशों की संख्या 0° से 90° उत्तर और 0° से 90° दक्षिण तक होती है। दो अक्षांशों के बीच की दूरी लगभग 111 किलोमीटर होती है।

देशांतर वे काल्पनिक रेखाएँ हैं जो उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव तक खींची जाती हैं। इन्हें प्रधान मध्यान्ह रेखा से मापा जाता है, जिसे 0° देशांतर माना जाता है। देशांतरों की कुल संख्या 360° होती है। पृथ्वी 24 घंटे में 360° घूमती है, इसलिए 1° देशांतर का समय अंतर लगभग 4 मिनट होता है। भारत का मानक समय 82°30′ पूर्वी देशांतर के आधार पर निर्धारित किया गया है, जिसे भारतीय मानक समय कहा जाता है।

अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार

भारत का विस्तार 8°4′ उत्तरी अक्षांश से 37°6′ उत्तरी अक्षांश तथा 68°7′ पूर्वी देशांतर से 97°25′ पूर्वी देशांतर तक है। कर्क रेखा 23°30′ उत्तरी अक्षांश देश के लगभग मध्य भाग से होकर गुजरती है। इसके कारण भारत का दक्षिणी भाग उष्ण कटिबंध में तथा उत्तरी भाग उपोष्ण कटिबंध में स्थित है। यह स्थिति देश की जलवायु, वनस्पति और कृषि पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालती है।

भारत का कुल क्षेत्रफल लगभग 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है। उत्तर से दक्षिण तक इसकी लंबाई लगभग 3,214 किलोमीटर तथा पूर्व से पश्चिम तक चौड़ाई लगभग 2,933 किलोमीटर है। भारत की कुल तटरेखा लगभग 7,516 किलोमीटर लंबी है, जबकि इसकी स्थलीय सीमा लगभग 15,200 किलोमीटर है। विशाल आकार के कारण भारत में भौगोलिक विविधता पाई जाती है।

पृथ्वी के ऊष्मा कटिबंध

पृथ्वी को अक्षांशों के आधार पर तीन प्रमुख ऊष्मा कटिबंधों में विभाजित किया गया है। कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच का क्षेत्र उष्ण कटिबंध कहलाता है। कर्क रेखा से आर्कटिक वृत्त तक तथा मकर रेखा से अंटार्कटिक वृत्त तक का क्षेत्र शीतोष्ण कटिबंध कहलाता है। आर्कटिक वृत्त के उत्तर तथा अंटार्कटिक वृत्त के दक्षिण का क्षेत्र शीत कटिबंध या ध्रुवीय क्षेत्र कहलाता है। अक्षांश 0° से 90° तक पाए जाते हैं, जबकि देशांतरों की कुल संख्या 360° होती है।

भारत के भौगोलिक छोर

भारत का उत्तरीतम बिंदु लद्दाख क्षेत्र में इंदिरा कॉल के निकट स्थित है। दक्षिणतम बिंदु इंदिरा पॉइंट है, जो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित है। पूर्वतम बिंदु अरुणाचल प्रदेश के किबिथू में तथा पश्चिमतम बिंदु गुजरात के कच्छ जिले के गुहार मोती में स्थित है। ये बिंदु भारत की भौगोलिक सीमाओं को निर्धारित करते हैं।

पड़ोसी देश

भारत की स्थलीय सीमाएँ अनेक देशों से मिलती हैं। उत्तर-पश्चिम में अफगानिस्तान और पाकिस्तान स्थित हैं। उत्तर और उत्तर-पूर्व में चीन, नेपाल और भूटान हैं। पूर्व में बांग्लादेश और म्यांमार स्थित हैं। समुद्र के पार दक्षिण में श्रीलंका तथा दक्षिण-पश्चिम में मालदीव स्थित है। इन देशों के साथ भारत के सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक संबंध प्राचीन काल से रहे हैं।

सीमावर्ती भारतीय राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश

पाकिस्तान से गुजरात, राजस्थान, पंजाब तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की सीमाएँ मिलती हैं। नेपाल से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम जुड़े हैं। चीन से लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश की सीमाएँ मिलती हैं। बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम जुड़े हैं। म्यांमार से अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम की सीमाएँ मिलती हैं। भूटान से सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम और अरुणाचल प्रदेश की सीमा मिलती है।

तटीय एवं स्थल-रुद्ध राज्य

भारत में नौ तटीय राज्य हैं। पश्चिमी तट पर गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल स्थित हैं, जबकि पूर्वी तट पर पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु स्थित हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, पुडुचेरी तथा दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव तटीय केंद्र शासित प्रदेश हैं।

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना और हरियाणा ऐसे राज्य हैं जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा को स्पर्श नहीं करते। इन्हें स्थल-रुद्ध राज्य कहा जाता है।

विश्व में भारत का स्थान

क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है। रूस, कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, ब्राज़ील और ऑस्ट्रेलिया क्षेत्रफल में भारत से बड़े देश हैं। भौगोलिक विविधता, सांस्कृतिक समृद्धि और सामरिक स्थिति के कारण भारत विश्व समुदाय में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

क्रम संख्या देश क्षेत्रफल (लगभग वर्ग किमी)
1 रूस 1,70,98,242
2 कनाडा 99,84,670
3 संयुक्त राज्य अमेरिका 98,33,520
4 चीन 95,96,961
5 ब्राज़ील 85,15,767
6 ऑस्ट्रेलिया 76,92,024
7 भारत 32,87,263

भारत — आकार एवं स्थिति

नीचे भारत के आकार एवं स्थिति से संबंधित सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को समेकित सारणी में प्रस्तुत किया गया है।

विषय महत्वपूर्ण तथ्य
भूगोल का जनक एरैटोस्थनीज
‘जियोग्राफी’ शब्द का प्रथम प्रयोग एरैटोस्थनीज
भौगोलिक स्थिति भारत दक्षिण एशिया में स्थित है तथा पूर्णतः उत्तरी एवं पूर्वी गोलार्ध में अवस्थित है।
अक्षांशीय विस्तार 8°4′ उत्तरी अक्षांश से 37°6′ उत्तरी अक्षांश तक
देशांतरीय विस्तार 68°7′ पूर्वी देशांतर से 97°25′ पूर्वी देशांतर तक
कर्क रेखा 23°30′ उत्तरी अक्षांश; देश के मध्य भाग से होकर गुजरती है
कर्क रेखा जिन राज्यों से गुजरती है गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिजोरम
कुल क्षेत्रफल लगभग 32,87,263 वर्ग किलोमीटर
विश्व में स्थान (क्षेत्रफल) सातवाँ सबसे बड़ा देश
भारत से बड़े देश रूस, कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, ब्राज़ील, ऑस्ट्रेलिया
स्थल क्षेत्रफल लगभग 29.73 लाख वर्ग किमी
जल क्षेत्रफल लगभग 3.14 लाख वर्ग किमी
उत्तर-दक्षिण लंबाई लगभग 3,214 किलोमीटर
पूर्व-पश्चिम चौड़ाई लगभग 2,933 किलोमीटर
कुल तटरेखा लगभग 7,516 किलोमीटर (मुख्य भूमि + द्वीप सहित)
मुख्य भूमि की तटरेखा लगभग 6,100 किलोमीटर
स्थलीय सीमा लगभग 15,200 किलोमीटर
उत्तरीतम बिंदु इंदिरा कॉल (लद्दाख क्षेत्र)
दक्षिणतम बिंदु (मुख्य भूमि) कन्याकुमारी
दक्षिणतम बिंदु (सम्पूर्ण भारत) इंदिरा पॉइंट (अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह)
पूर्वतम बिंदु किबिथू (अरुणाचल प्रदेश)
पश्चिमतम बिंदु गुहार मोती (कच्छ, गुजरात)
मानक समय रेखा 82°30′ पूर्वी देशांतर
मानक समय रेखा जिन राज्यों से गुजरती है उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश
GMT से समय अंतर +5 घंटा 30 मिनट
1° देशांतर का समय अंतर लगभग 4 मिनट
दो अक्षांशों के बीच दूरी लगभग 111 किलोमीटर
कुल अक्षांश 181
कुल देशांतर 360
भारत का अक्षांशीय प्रभाव उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु
समय में पूर्व-पश्चिम अंतर लगभग 2 घंटे (अरुणाचल से गुजरात)
भारत का आकार त्रिकोणीय प्रायद्वीपीय विस्तार वाला चतुर्भुजाकार देश
भारतीय उपमहाद्वीप भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका
भारत का समुद्री क्षेत्र अरब सागर (पश्चिम), बंगाल की खाड़ी (पूर्व), हिंद महासागर (दक्षिण)
हिंद महासागर में स्थिति मध्यवर्ती एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण
द्वीपों की कुल संख्या लगभग 1,200 से अधिक
प्रमुख द्वीप समूह अंडमान-निकोबार (बंगाल की खाड़ी), लक्षद्वीप (अरब सागर)
पड़ोसी देश (स्थल सीमा) अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार
सर्वाधिक लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ
न्यूनतम स्थलीय सीमा अफगानिस्तान के साथ
समुद्री पड़ोसी श्रीलंका (दक्षिण), मालदीव (दक्षिण-पश्चिम)
पाकिस्तान से सटे राज्य/केंद्र शासित प्रदेश गुजरात, राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख
चीन से सटे राज्य/केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश
नेपाल से सटे राज्य उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम
भूटान से सटे राज्य सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश
बांग्लादेश से सटे राज्य पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम
म्यांमार से सटे राज्य अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम
तटीय राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु
तटीय केंद्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
स्थल-रुद्ध राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, हरियाणा
अक्षांश की परिभाषा भूमध्य रेखा के समानांतर खींची गई काल्पनिक रेखाएँ
देशांतर की परिभाषा उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव तक खींची गई काल्पनिक रेखाएँ
उष्ण कटिबंध कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच
शीतोष्ण कटिबंध कर्क रेखा से आर्कटिक वृत्त तथा मकर रेखा से अंटार्कटिक वृत्त तक
शीत कटिबंध आर्कटिक वृत्त के उत्तर तथा अंटार्कटिक वृत्त के दक्षिण
भारत का भौगोलिक महत्व एशिया के दक्षिणी भाग में केंद्रीय स्थिति; अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों के निकट
सामरिक महत्व हिंद महासागर पर नियंत्रण; एशिया, यूरोप और अफ्रीका को जोड़ने वाला स्थान
कृषि पर प्रभाव मानसून आधारित कृषि व्यवस्था
विविधता का कारण विशाल भौगोलिक विस्तार एवं भिन्न अक्षांशीय स्थिति


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