झारखण्ड के सभी प्रमुख जलप्रपात, झीलें एवं विशिष्ट जलस्रोत | स्थान, ऊँचाई, नदी और विशेषताएँ

झारखण्ड के सभी प्रमुख जलप्रपात | हुंडरू, जोन्हा, दशम, हिरणी, लोध, पंचघाघ, सदनी, गौतमधारा, रानी, बूढ़ाघाघ, घाघरी जलप्रपात | स्थान, ऊँचाई, नदी एवं विशेषताएँ

  

झारखण्ड के प्रमुख जलप्रपात, झीलें एवं विशिष्ट जलस्रोत

झारखण्ड राज्य अपनी विशिष्ट पठारी संरचना, प्राचीन चट्टानी धरातल तथा प्रचुर वर्षा के कारण जलप्रपातों एवं प्राकृतिक जलस्रोतों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। राज्य का अधिकांश भाग छोटानागपुर पठार में अवस्थित है, जहाँ नदियाँ तीव्र ढाल के कारण ऊँचाई से गिरकर भव्य जलप्रपातों का निर्माण करती हैं। ये जलप्रपात न केवल भौगोलिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं, अपितु पर्यटन, सांस्कृतिक परंपराओं तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था के विकास में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी प्रकार, कृत्रिम झीलें एवं तापीय जलस्रोत भी राज्य की प्राकृतिक संपदा का अभिन्न अंग हैं।

नीचे झारखण्ड के प्रमुख जलप्रपातों, झीलों एवं विशिष्ट जलस्रोतों का क्रमबद्ध एवं विस्तृत विवरण प्रस्तुत है —

1. बूढ़ा घाघ (लोढ़) जलप्रपात

बूढ़ा घाघ, जिसे लोढ़ जलप्रपात के नाम से भी जाना जाता है, झारखण्ड का सर्वाधिक ऊँचा जलप्रपात माना जाता है। यह लातेहार जिले के महुआडांड़ क्षेत्र के समीप अवस्थित है। लगभग 142 मीटर की ऊँचाई से गिरती जलधारा इसे राज्य का अत्यंत प्रभावशाली प्राकृतिक स्थल बनाती है। इसका निर्माण उत्तर कोयल नदी द्वारा हुआ है। वर्षा ऋतु तथा शरद ऋतु में इसकी जलधारा अत्यधिक वेगवान एवं आकर्षक प्रतीत होती है, जिससे यह पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाता है।

2. हुंडरू जलप्रपात

हुंडरू जलप्रपात राँची जिले के अंगड़ा प्रखंड में स्थित है। यह स्वर्णरेखा नदी पर निर्मित है। इसकी ऊँचाई लगभग 98 मीटर (322 फीट) है, जिससे यह राज्य का द्वितीय सर्वाधिक ऊँचा जलप्रपात माना जाता है। तीव्र वेग से गिरती जलधारा नीचे एक विशाल जलकुंड का निर्माण करती है। प्राकृतिक सौंदर्य एवं सुलभ पहुँच के कारण यह राँची क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन स्थल है।

3. सदनी जलप्रपात

सदनी जलप्रपात गुमला जिले में शंख नदी पर स्थित है। लगभग 60 मीटर की ऊँचाई से गिरती इसकी जलधारा सर्पाकार रूप में प्रवाहित होती है, जो इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। वर्षा ऋतु में इसकी जलराशि अत्यधिक बढ़ जाती है, जिससे इसका दृश्य अत्यंत मनोहारी हो उठता है।

4. दशम जलप्रपात

दशम जलप्रपात राँची–जमशेदपुर मार्ग पर तैमारा घाटी में बुंडू प्रखंड के समीप स्थित है। इसका निर्माण कांची नदी द्वारा हुआ है। लगभग 44 मीटर की ऊँचाई से गिरती जलधारा नीचे पहुँचकर अनेक धाराओं में विभाजित हो जाती है। जनश्रुति के अनुसार, दस धाराओं में विभाजन के कारण ही इसका नाम ‘दशम’ पड़ा।

5. जोन्हा (गौतमधारा) जलप्रपात

जोन्हा जलप्रपात राँची–पुरुलिया मार्ग पर स्थित है। इसका निर्माण राधु नदी द्वारा हुआ है। इसकी ऊँचाई लगभग 45 मीटर है। निकटवर्ती जोन्हा ग्राम के कारण इसे जोन्हा जलप्रपात कहा जाता है, जबकि धार्मिक मान्यताओं के कारण इसे गौतमधारा भी कहा जाता है। पर्यटकों की सुविधा के लिए यहाँ सीढ़ियों एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास किया गया है।

6. पंचघाघ जलप्रपात

पंचघाघ जलप्रपात खूंटी जिले में चाईबासा मार्ग पर स्थित है। ऊँचाई से गिरने के पश्चात इसकी जलधारा पाँच पृथक धाराओं में विभाजित हो जाती है, जिससे इसका नाम ‘पंचघाघ’ पड़ा। शीत ऋतु में यहाँ का प्राकृतिक वातावरण अत्यंत शांत एवं रमणीय होता है।

7. घाघरी (ऊपरी एवं निचली) जलप्रपात

नेतरहाट क्षेत्र के समीप दो प्रमुख जलप्रपात स्थित हैं — ऊपरी घाघरी एवं निचली घाघरी। ये क्रमशः लगभग 2 किलोमीटर एवं 8 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित हैं। दोनों ही स्थल घने वनों से आच्छादित हैं तथा प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध हैं।

8. घाघरी जलप्रपात (लापुंग)

राँची जिले के लापुंग प्रखंड में जमुनी नदी पर अवस्थित घाघरी जलप्रपात लगभग 40 मीटर की ऊँचाई से गिरता है। इसके समीप स्थित घाघरी बाबाधाम में मकर संक्रांति के अवसर पर मेला आयोजित किया जाता है।

9. उसरी जलप्रपात

गिरिडीह जिले में गिरिडीह–टुंडी मार्ग पर स्थित उसरी जलप्रपात उसरी नदी द्वारा निर्मित है। यद्यपि इसकी ऊँचाई अपेक्षाकृत कम है, तथापि चारों ओर फैले वन क्षेत्र इसे अत्यंत आकर्षक बनाते हैं। इसकी विशेषता यह है कि जलधारा गिरने से पूर्व कुछ ऊपर उठती प्रतीत होती है।

10. हिरणी जलप्रपात

हिरणी जलप्रपात खूंटी–चाईबासा मार्ग पर स्थित है। इसकी ऊँचाई अत्यधिक नहीं है, परंतु आसपास का हरित प्राकृतिक वातावरण इसे लोकप्रिय पिकनिक स्थल बनाता है।

11. सुखलदरी जलप्रपात

गढ़वा जिले में कनहर नदी द्वारा निर्मित सुखलदरी जलप्रपात लगभग 30 मीटर ऊँचा है। यह शांत एवं रमणीय वातावरण के लिए प्रसिद्ध है।

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12. सीता जलप्रपात

राँची–पुरुलिया मार्ग पर अवस्थित सीता जलप्रपात लगभग 44 मीटर की ऊँचाई से गिरता है। यहाँ तक पहुँचने के लिए लगभग 350 सीढ़ियाँ उतरनी पड़ती हैं। समीप स्थित सीता मंदिर के कारण यह धार्मिक महत्व भी रखता है।

13. कांति जलप्रपात

सेन्हा गाँव के समीप चंदवा–कुडू मार्ग पर स्थित कांति जलप्रपात घने वनों से आच्छादित क्षेत्र में अवस्थित है। प्राकृतिक हरियाली एवं सुलभ मार्ग के कारण यह एक लोकप्रिय पर्यटन एवं पिकनिक स्थल है।

14. डिमना झील

डिमना झील जमशेदपुर नगर के समीप स्थित एक कृत्रिम झील है। इसका निर्माण जलसंचयन के उद्देश्य से किया गया था। वर्तमान में यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो चुकी है। स्वच्छ जल, विस्तृत जलराशि तथा नौकायन की सुविधा इसे आकर्षक बनाती है।

15. तातापानी (गर्म जलस्रोत)

तातापानी एक प्राकृतिक तापीय जलस्रोत है, जो लातेहार जिले के निकट स्थित है। यह स्थान अपने गरम जल के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इसके जल में औषधीय गुण पाए जाते हैं।

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झारखण्ड के जलप्रपात, झीलें एवं तापीय जलस्रोत राज्य की प्राकृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण अंग हैं। ये स्थल राज्य की भौगोलिक विविधता, पर्यटन क्षमता तथा सांस्कृतिक परंपराओं को अभिव्यक्त करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से इनके स्थान, संबंधित नदी, ऊँचाई तथा विशिष्ट विशेषताओं का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है।

नीचे झारखण्ड के प्रमुख जलप्रपातों एवं उनके स्थान (जिला/निकटतम क्षेत्र) का समेकित “सारणी” प्रस्तुत किया जा रहा है —

झारखण्ड के प्रमुख जलप्रपात 

क्रमांक जलप्रपात का नाम संबंधित नदी स्थान / जिला प्रमुख विशेषता
1 हुंडरू जलप्रपात स्वर्णरेखा नदी राँची (अंगड़ा प्रखंड) लगभग 98 मीटर ऊँचा, राज्य का द्वितीय सर्वाधिक ऊँचा
2 बूढ़ा घाघ (लोढ़) जलप्रपात उत्तर कोयल नदी लातेहार (महुआडांड़) लगभग 142 मीटर, राज्य का सर्वाधिक ऊँचा
3 दशम जलप्रपात कांची नदी राँची (बुंडू, तैमारा घाटी) लगभग 44 मीटर, जलधारा कई भागों में विभाजित
4 जोन्हा (गौतमधारा) जलप्रपात राधु नदी राँची–पुरुलिया मार्ग लगभग 45 मीटर, धार्मिक महत्त्व
5 पंचघाघ जलप्रपात बनई नदी खूंटी (चाईबासा मार्ग) पाँच धाराओं में विभाजन
6 सदनी जलप्रपात शंख नदी गुमला लगभग 60 मीटर, सर्पाकार प्रवाह
7 हिरणी जलप्रपात दक्षिण कोयल नदी क्षेत्र खूंटी–चाईबासा मार्ग प्राकृतिक हरियाली, पिकनिक स्थल
8 उसरी जलप्रपात उसरी नदी गिरिडीह वनाच्छादित क्षेत्र में स्थित
9 घाघरी जलप्रपात जमुनी नदी राँची (लापुंग) लगभग 40 मीटर
10 ऊपरी घाघरी जलप्रपात घाघरी नदी नेतरहाट प्राकृतिक सौंदर्य
11 निचली घाघरी जलप्रपात घाघरी नदी नेतरहाट लोकप्रिय पर्यटन स्थल
12 सुखलदरी जलप्रपात कनहर नदी गढ़वा (उंटारी क्षेत्र) लगभग 30 मीटर
13 सीता जलप्रपात स्थानीय धारा राँची–पुरुलिया मार्ग लगभग 44 मीटर, धार्मिक मान्यता
14 कांति जलप्रपात स्थानीय नदी लोहरदगा (सेन्हा क्षेत्र) हरित वन क्षेत्र
15 गौतमधारा राधु नदी राँची जोन्हा का अन्य नाम



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